Sunday, November 21, 2010

Ek khwaab

हवा के झोके के साथ आऊँगा
तुम्हारी रूह को छू जाऊँगा
और जब आँख खुलेगी
सिर्फ़ एक ख़्वाब
बन कर रह जाऊँगा
तुम्हारी आँखों में....

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